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bharat vs india dispute in hindi | इंडिया भारत विवाद क्या है ? भारत व इंडिया नाम कैसे आए ?

G20 समिट में राष्ट्रपति जी  द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र के बाद से भारत बनाम इंडिया विवाद गर्मा गया है। इस लेख में देश के नाम को लेकर चल रहे विवाद को समझने का प्रयास करेगें। भारत बनाम इंडिया के विवाद को निम्नलिखित बिंदुओ के अंतर्गत समझेंगे-

भारत बनाम इंडिया का विवाद क्या है?

संविधान में देशके नाम को लेकर क्या व्यवस्था है?

भारत के नाम बदलने के लिए पहले क्या प्रयास किए गए?

नाम बदलने की प्रक्रिया क्या है?

 लेख के इस भाग मे भारत बनाम इंडिया का विवाद क्या है? भारत व इंडिया नाम की उत्पत्ती, एवं नाम को लेकर संविधान मे क्या उपबंध है ? इन्ही पर चर्चा करेंगे । अन्य बातों के भारत बनाम इंडिया के अगले भाग मे पढ़ेंगे ।

भारत बनाम इंडिया का विवाद क्या है?

भारत बनाम इंडिया का विवाद उस समय गर्माया जब 5 सितंबर को राष्ट्रपति जी की ओर से G20 समिट में आए हुए, मेहमानों के लिए 9 सितंबर को आयोजित होने वाले रात्रि भोज के लिए आमंत्रण पत्र भेजे गए। इस आमंत्रण पत्र में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया के स्थान पर प्रेसिडेंट ऑफ भारत के रूप में लिखा गया था।

इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने इसे देश के संविधान पर आघात मानते हुए एक ट्वीट किया इस ट्वीट में उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति भवन की ओर से g20 समित की रात्रि भोज के लिए भेजे गए आमंत्रण पत्रों में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया के स्थान पर प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा गया है। अब संविधान के अनुच्छेद एक को इस प्रकार से पढ़ सकते हैं भारत जो की इंडिया था राज्यों का संघ होगा। उन्होंने आगे लिखा कि अब राज्यों का संघ हमले के अधीन है।

इसके बाद विपक्षी नेताओं के ट्वीट आने लगे और खबरों में यह सुर्खियां बनने लगी कि अब देश का नाम भारत होगा।इस तरह से इस विवाद का जन्म हुआ।इसके बाद आसियान समिट का एक फंक्शन नोट भी सामने आया जिसमें ” प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया” के स्थान पर “प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत” लिखा है। जिससे यह यह चर्चा होने लग गई की अब सत्ता दल हमारे देश का नाम भारत करने जा रहा है।

भारत व इंडिया नामों का इतिहास/ उत्पत्ति कैसे हुई?

भारत व इंडिया नाम कैसे आए । इसे जानने के लिए इतिहास के पन्नों को पलटना पड़ेगा । भारत और इंडिया नाम  शब्दों के पीछे के इतिहास को क्रमश : इस प्रकार समझा  जा सकता है –

भारत नाम कैसे पड़ा?

भारत एक प्राचीन नाम है। प्राचीन काल से ही भारत भूमि के अलग-अलग नाम रहे हैं जैसे जम्बूद्वीप, भरतखंड, हिमवर्ष, अजनाभवर्ष, भारतवर्ष, आर्यावर्त, हिंद, हिंदुस्तान और इंडिया। लेकिन इनमें से भारत सबसे अधिक लोकप्रिय और प्रचलित रहा है।भारत नाम के पीछे दो प्रमुख कहानी है?

पहली कहानी है – यह कहानी महाभारत काल से ढाई हजार वर्ष पूर्व की है इस कहानी के अनुसार रावी नदी के तट पर कुछ कबीलों के बीच में भीषण युद्ध हुआ । इस युद्ध में तुत्सु जाती के लोग और 10 कुनबों के गठबंधन के बीच युद्ध हो रहा था । तुत्सू जाति को उस समय भरत नाम से भी जाना जाता था और इस समय तुत्सु (भरत )जाति के राजा सुदास थे । उन्होंने 10 कुनबों को हराकर इस युद्ध को जीत लिया। इस विजय के उपरांत संपूर्ण आर्यवर्त में उनका विस्तार हुआ। और उनके साम्राज्य का नाम भारत हो गया।

दूसरी कहानी है पूर्व वंश के महाराज दुष्यंत और रानी शकुंतला के बेटे भरत हुए, जिनका साम्राज्य हिमालय से लेकर हिंदमहासागर तक फैला हुआ था। चक्रवर्ती राजा भरत के साम्राज्य को भारतवर्ष के नाम से जाना जाता था जो बाद में भारत हो गया।

भारत नाम के पीछे सबसे अधिक लोकप्रिय तर्क यही है कि यह राजा भरत के नाम पर है। इसका वर्णन वेदों, उपनिषदों, व पुराणों में भी मिलता है।

विष्णु पुराण में एक श्लोक है –

उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् |

वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः ||

इंडिया नाम कैसे पड़ा?

इंडिया यूनानी (ग्रीक) भाषा के शब्द इंडस से आया है। 326 ईसा पूर्व जब यूनान के राजा सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया तब उसे दौरान वहां के लोग सिंधु को इंडस कहते थे। चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में यूनान का राजदूत मेगास्थनीज आया जिसने इंडिका नाम की एक पुस्तक लिखी, जिसमें उसने सिंधु नदी के पार वाले क्षेत्र के लिए इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया।

इसके बाद सिंध क्षेत्र को बाहरी लोग “स“को “ह” के रूप में उच्चरित करते थे, इसलिए वे सिंध को हिंद के रूप में उच्चारण करते थे तथा यहां के लोगों को हिंदू और उसे क्षेत्र को हिंदुस्तान कहा जाने लगा इस तरह हिंदुस्तान नाम भारत को मिला।हिंदुस्तान यह नाम मुगल काल में काफी प्रचलित रहा।

अंग्रेजों के आने पर उन्होंने अपने शासनकाल में इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया। 19वीं शताब्दी आते-आते अंग्रेजों ने हिंदुस्तान के स्थान पर इंडिया शब्द का इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया अर्थात अपने कार्यालय और अन्य शासकीय कार्यों में इंडिया शब्द का इस्तेमाल होने लगा। इस तरह से इंडिया शब्द की उत्पत्ति हुई और हमारे देश के नाम के साथ जुड़ गया।

भारत का संविधान में क्या नाम है? 

भारत व इंडिया के नाम को लेकर संविधान का अनुच्छेद 1 में उपबंध किया गया है।  यह संघ के नाम और राज्य क्षेत्र की बात करता है ।

अनुच्छेद 1 के खंड (1) के अनुसार: ” भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा“

इस खंड के अनुसार इंडिया जो कि भारत है राज्यों का संघ होगा। यह खंड देश के भारत व इंडिया दोनों नाम की मान्यता देता है।

यदि संविधान के हिंदी के प्राधिकृत पाठ यानी की प्राधिकृत अनुवाद को जब पढ़ते हैं, तब उसमें भारत शब्द का ही प्रयोग हुआ है।

उदाहरण के तौर पर- अनुच्छेद 52 की हैडिंग “The president of India”  अंग्रेज़ी में है । यही हिंदी में “भारत का राष्ट्रपति” लिखा है। 

इस तरह से इस बात की पुष्टि होती है कि भारत व इंडिया शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है ।

इसके अलावा वर्ष 2016 व 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी देश के नाम को लेकर दायर की गई याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि, भारत व इंडिया दोनों नाम सही है । जैसी आवश्यकता हो उसे हिसाब से इनका प्रयोग किया जा सकता है।

इस लेख के अगले भाग में भारत के नाम को लेकर इससे पहले क्या प्रयास किए गए एवं नाम बदलने के लिए संविधान मे क्या उपबंध किए गए है तथा निष्कर्ष के रूप में भारत नाम सही या गलत आदि विषयों पर चर्चा करेंगे ।

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Q हमारे देश का संवैधानिक नाम क्या है

A भारत व इंडिया

Q. संविधान का कौन सा अनुच्छेद देश के नाम से संबंधित है ?

A. अनुच्छेद 1

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