धारा 16. कारबार के अनुक्रम का अस्तित्व कब सुसंगत है— जबकि प्रश्न यह है कि क्या कोई विशिष्ट कार्य किया गया था, तब कारबार के ऐसे किसी भी अनुक्रम का अस्तित्व, जिसके अनुसार वह कार्य स्वभावतः किया जाता, सुसंगत तथ्य है।
वृष्टांत
(क) प्रश्न यह है कि क्या एक विशिष्ट पत्र प्रेषित किया गया था।
ये तथ्य कि कारबार का यह साधारण अनुक्रम था कि वे सभी पत्र, जो किसी खास स्थान में रख दिए जाते थे, डाक में डाले जाने के लिए ले जाए जाते थे और कि वह पत्र उस स्थान में रख दिया गया था, सुसंगत हैं।
(ख) प्रश्न यह है कि क्या एक विशिष्ट पत्र क को मिला। ये तथ्य कि वह सम्यक् अनुक्रम में डाक में डाला गया था, और कि वह पुनः प्रेषण केन्द्र द्वारा लौटाया नहीं गया था, सुसंगत हैं।
व्याख्या (explanation)
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 16 यह प्रावधान करती है कि यदि कोई विशिष्ट कार्य किसी कारोबार के सामान्य अनुक्रम किया जाता है तब यदि न्यायालय के सामने उसके किए जाने का प्रश्न आए तब ऐसे कारोबार का वह अनुक्रम सुसंगत होगा जिसके द्वारा वह कार्य स्वभावतः किया जाता है ।
जैसा की दृष्टांत A मे बताया गया है कि यदि किसी पत्र को भेज गया था क्या ? तब कारोबार का यह अनुक्रम कि पत्र भेजे जाने के किसी खास स्थान पर रक दिए जाते थे। तब यदि प्रशनगत पत्र भी उस स्थान पर रखा गया था तो यह उसके भेजे जाने के संबंध मे सुसंगत होगा ।