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भारत में न्यायिक सेवा परीक्षा: व्यापक मार्गदर्शन
भारत में नयायिक सेवा परीक्षा विधि स्नातकों को भारतीय न्यायिक प्रशासन का हिस्सा बनने का महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान...
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भारत में न्यायिक सेवा परीक्षा: व्यापक मार्गदर्शन
भारत में नयायिक सेवा परीक्षा विधि स्नातकों को भारतीय न्यायिक प्रशासन का हिस्सा बनने का महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान...
एमपी सिविल जज (कनिष्ठ खंड ) परीक्षा 2022-23 / mpcj exam 2022-23 के लिए वर्ष 2022 के पदों पर भर्ती के लिए जल्द ही विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है। mpcj परीक्षा का पैटर्न एवं सिलेबस निम्नानुसार होगा –
प्रारम्भिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय प्रकार की)
मुख्य परीक्षा (परम्परागत प्रकार की अर्थात् लिखित परीक्षा) एवं
मौखिक परीक्षा (व्यक्तित्व परीक्षा)।
एमपी सिविल जज (कनिष्ठ खंड ) प्रारम्भिक परीक्षा सिलेबस 2022-23 (MP CJ preliminary exam syllabus ) :
एमपी सिविल जज प्रारम्भिक परीक्षा ऑनलाइन पद्धति के आधार पर बहुविकल्पीय प्रश्न के रूप मे होगी
मुख्य परीक्षा में 04 ( चार ) प्रश्न पत्र होंगे एवं प्रत्येक प्रश्न पत्र 3 घंटे में हल करना होगा। दिव्यांग आवेदकों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी कार्यालयीन ज्ञापन क्रमांक एफ.नं. 34-02 / 2015 – डीडी- III दिनांक 29.08.2018 एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 273 / 2021 ( विकास कुमार वि . यू.पी.एस.सी. एवं अन्य ) ( 2021 एस.सी.सी. ऑनलाईन एस .सी. 84 ) में पारित निर्णय दिनांक 11.02.2021 के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय की पात्रता होगी।
मुख्य परीक्षा लिखित होगी वह लगातार दो या अधिक दिनों में दो – दो पालियों ( shifts ) में संपन्न कराई जावेगी। पहले दिन प्रथम पाली ( shift ) में प्रथम प्रश्न पत्र और द्वितीय पाली ( shift ) में द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी। इसी प्रकार दूसरे दिन प्रथम पाली ( shift ) में तृतीय प्रश्न पत्र एवं द्वितीय पाली ( shift ) में चतुर्थ प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी।
आवेदक का उपरोक्त चारों प्रश्न पत्रों की परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य है । यदि आवेदक किसी भी प्रश्न पत्र में सम्मिलित नहीं होता है तो उसे शेष प्रश्न पत्र / पत्रों की परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान नहीं की जायेगी तथा उसकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया जायेगा एवं उसकी अभ्यर्थिता को निरस्त माना जावेगा ।
Mains exam syllabus
परीक्षा का पाठ्यक्रम इस प्रकार है
( अ ) प्रथम प्रश्न पत्र-
संविधान , सिविल विधि एवं प्रक्रिया का होगा जिसके लिए 100 अंक निर्धारित है , प्रथम प्रश्न पत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार है :
1. भारत का संविधान
2. सिविल प्रक्रिया संहिता , 1908
3. संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882
4. भारतीय संविदा अधिनियम 1872
5. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम,1963
6. परिसीमा अधिनियम,1963
( ब ) द्वितीय प्रश्न पत्र-
लेखन एवं संक्षेपण का होगा जिसके लिए 100 अंक निर्धारित है।
द्वितीय प्रश्न पत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार है :
1. लेख सामाजिक विषय पर – 20 अंक
2. लेख विधिक विषय पर – 20 अंक
3. संक्षिप्तिकरण लेखन ( विधिक ) – 20 अंक
4. हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद – 20 अंक
5.अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद – 20 अक
( स ) तृतीय प्रश्न पत्र-
स्थानीय विधि अपराध विधि एवं प्रक्रिया का होगा जिसके लिए 100 अंक निर्धारित है।
तृतीय प्रश्न पत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार है :
1. भारतीय दंड संहिता , 1860
2.दंड प्रक्रिया संहिता , 1973
3. भारतीय साक्ष्य अधिनियम , 1872
4 परक्राम्य लिखत अधिनियम , 1881 ( अध्याय 13 से 17 तक )
5. म.प्र भू – राजस्व संहिता , 1959
6. म.प्र . स्थान नियंत्रण अधिनियम , 1961
( द ) चतुर्थ प्रश्न पत्र-
निर्णय लेखन का होगा जिसके लिए 100 अंक निर्धारित है।
चतुर्थ प्रश्न पत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार है :
1. विवाद्यकों का स्थिरीकरण 10 अंक
2.आरोपों की विरचना 10 अंक
3 . निर्णय / आदेश ( सिविल ) लेखन 40 अक
4 . निर्णय / आदेश ( दांडिक ) लेखन 40 अंक
नोट- 1. सभी प्रश्न पत्रों में प्रश्नों के उत्तर एक ही भाषा हिन्दी या अंग्रेजी में लिखना होगा ।
2. संक्षिप्तिकरण लेखन के लिए वादपत्र ( Plaint ) , वादोत्तर ( Written Statement ) अथवा आरोप पत्र ( Charge – sheet ) / परिवाद पत्र ( Complaint ) आदि की विषय वस्तु उपलब्ध कराई जा सकेगी और आवेदक से उसके एक तिहाई शब्दों में संक्षिप्तीकरण के लिए कहा जा सकेगा ।
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