सभ्य समाज की स्थापना एवं लोकहित को ध्यान में रखकर दुनिया के लगभग सभी देशों ने दांडिक न्याय प्रणाली को अपनाया है, जिसके माध्यम से समाज के आसामाजिक तत्वों एंव लोकनीति के विरुद्ध कार्य करने वाले व्यक्तियो को नियंत्रित किया जाता है अर्थात दंडित किया जाता है।

किसी दण्ड विधि के अन्तर्गत अपराध के गठित होने से अपराधी को सजा होने तक कानून के विभिन्न जटिल पहलू और प्रक्रिया होती हैं। उन्हीं में से एक हैं, अपराध के चरण है। इन अपराध के चरणों का अपराध की गंभीरता, अभियुक्त  के दोष के स्तर व संभावित दंड पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। हम इस लेख में भारत में अपराध के विभिन्न चरणों (stages of offences) पर चर्चा करेगे।

अपराध के निम्नलिखित चरण  होते है। –

आशय (Intention)

तैयारी (Prepration)

 प्रयत्न (Attempt)

अपराध की पूर्णता (completion of offence)


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1.अपराध कारित करने का आशय (Intention):

अपराध का सबसे पहला चरण किसी व्यक्ति को किसी कार्य को करने का आशय होता है । आशय वह प्रायोजन या अभिकल्पना या इच्छा होती है, जिससे कोई कार्य किया जाता है। आशय मानसिक तत्व होता है, जो दंडनीय नहीं होता क्योंकि विधि व्यक्ति के मन में झांकने का प्रयास नहीं करती वह केवल कार्यों को दंड का आधार मानती है। आशय का निर्धारण किसी व्यक्ति के द्वारा किए गए कृत्य के परिणाम से किया जाता है ना कि कृत्य से।

किसी व्यक्ति का आशय, किसी परिणाम के संबंध में इच्छा ज्ञान तथा कृत्य इन तीनों तत्व से ज्ञात किया जाता है।

उदाहरण

A अपने पड़ोसी B  को जान से मारने के आशय से B पर अपनी बंदूक से गोली चलाता है और परिणामस्वरूप B की मृत्यु हो जाती है। यह A ही इच्छा है B को मारने की थी और उसने इस ज्ञान से कार्य किया कि उससे मृत्यु हो सकती है,  और उसका परिणाम भी B की मृत्यु हुआ ।इसलिए इस दशा में कहा जा सकता है कि A का आशय ही B को मारना था।


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2.अपराध कारित करने की तैयारी (Prepration):-

तैयारी अपराध का दूसरा चरण होता है । जब किसी व्यक्ति का किसी कार्य को करने का आशय होता है और उसे पूरा करने की दशा में जब वह उन साधनों, अर्थात हथियारों, जानकारी आदि जुटाता है, तब यह कृत्य, आशियत कार्य को करने की तैयारी कही जाती है। अपराधिक दशाओं को छोड़कर तैयारी दंडनीय नहीं होती है।  तैयारी निम्न दशाओं में दंडनीय होगी अर्थात निम्न अपराधों की तैयारी दंडनीय है: –

  • भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने या युद्ध की तैयारी करने के लिए हथियार जमा करना (धारा 122)
  • भारत सरकार के साथ शांति संबंध रखने वाली शक्ति के राज्य क्षेत्र में लूटपाट करने की तैयारी (धारा 126)
  • सिक्के की कूट करण के लिए उपकरण बनाना या बेचना (धारा 233)
  • भारतीय सिक्के के कूट करण के लिए उपकरण बनाना है या बेचना (धारा 234)
  • सिक्कों की कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री के लिए उपयोग में लाने के लिए कब्जे में रखना (धारा 235)
  • डकैती की तैयारी करना (धारा 399)

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3 अपराध कारित करने का प्रयत्न(Attempt):

किसी आपराधिक कृत्य को करने का तीसरा चरण उसका प्रयत्न होता है। प्रयत्न, तैयारी के तुरंत पश्चात का और अपराध की पूर्णता के ठीक पहले का कदम होता है ।प्रयत्न हर परिस्थिति में दंडनीय होता है । भारतीय दंड संहिता में अपराधों को दंडित करने के साथ- साथ उनके प्रयत्न को भी पृथक से दंडित करने के उपबंध किए गए हैं। यदि किसी अपराध के प्रयत्न को दंडित करने का पृथक से उपबंध नहीं किया गया है तो वह धारा 511 की परिधि में दंडनीय होता है।

उदाहरण

A अपने पड़ोस के XYZ  बैंक में लूट करने के आशय से जाता है। रुपए लेने से पहले ही पुलिस A को पकड़ लेती है। यहां A का कार्य लूट का प्रयत्न होगा। और A लूट के प्रयत्न के लिए दंडित किया जा सकेगा।


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4.अपराध की पूर्णता (completion of offence):

अपराध को करने का अंतिम चरण उसकी पूर्णता होती है। अर्थात जब कोई व्यक्ति किसी कार्य को करने के आशय के अग्रशरण में तैयारी कर, उस कृत्य को करके, उससे अपने द्वारा आशियत परिणाम को प्राप्त कर लेता है । तब कहा जाता है कि अपराध कारित हुआ।

उदाहरण

A अपने पड़ोसी B की हत्या करना चाहता है, A उसके लिए B के ऑफिस से घर जानें – आने के समय के बारे में पूछताछ करता है और एक पिस्तौल खरीद कर ले आता है। ठीक अगले दिन B को ऑफिस से घर लौटते समय गोली मारकर उसकी मृत्यु कारित कर देता है। यहां A के द्वारा B की हत्या का अपराध किया गया है और उसे B की हत्या के लिए दंडित किया जा सकेगा।

निष्कर्ष के रूप में यह कहा जा सकता है कि अपराध के चरण दंडिक न्याय प्राणली में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो न्याय करने और अभियुक्त के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करते हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करते है कि अपराधिक न्याय प्रणाली निष्पक्ष और कुशलतापूर्वक संचालित हो।

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लेख पर आधारित प्रश्न :  दंड विधि के अधीन एक अपराध के संबंध मे कौन कौन से चरण बताये गए है, उदाहरण सहित स्पष्ट करें ?

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