धारा 10 क्या है ? section 10 of evidence in Hindi
धारा 10. सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें- जहां कि यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि दो या अधिक व्यक्तियों ने अपराध या अनुयोज्य दोष करने के लिए मिलकर षड्यंत्र किया है, वहां उनके सामान्य आशय के बारे में उनमें से किसी एक व्यक्ति द्वारा उस समय के पश्चात्, जब ऐसा आशय उनमें से किसी एक ने प्रथम बार मन में धारण किया, कही. की. या लिखी गई कोई बात उन व्यक्तियों में से हर एक व्यक्ति के विरुद्ध, जिनके बारे में विश्वास किया जाता है कि उन्होंने इस प्रकार षड्यंत्र किया है, षड्यंत्र का अस्तित्व साबित करने के प्रयोजनार्थ उसी प्रकार सुसंगत तथ्य है जिस प्रकार यह दर्शित करने के प्रयोजनार्थ कि ऐसा कोई व्यक्ति उसका पक्षकार था।
दृष्टांत
यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि क भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के षड्यंत्र में सम्मिलित हुआ है।
ख ने उस पड्यंत्र के प्रयोजनार्थ यूरोप में आयुध उपाप्त किए. ग ने वैसे ही उद्देश्य से कलकत्ते में धन संग्रह किया, च ने मुम्बई में लोगों को उस षड्यंत्र में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया, ङ ने आगरे में उस उद्देश्य के पक्षपोषण में लेख प्रकाशित किए और ग द्वारा कलकत्ते में संगृहीत धन को च ने दिल्ली से छ के पास काबुल भेजा इन तथ्यों और उस षड्यंत्र का वृत्तान्त देने वाले झ द्वारा लिखित पत्र की अन्तर्वस्तु में से हर एक षड्यंत्र का अस्तित्व साबित करने के लिए तथा उसमें क की सहअपराधिता साबित करने के लिए भी सुसंगत है, चाहे वह उन सभी के बारे में अनभिज्ञ रहा हो और चाहे उन्हें करने वाले व्यक्ति उसके लिए अपरिचित रहे हों और चाहे वे उसके षड्यंत्र में सम्मिलित होने से पूर्व या उसके षडयंत्र से अलग हो जाने के पश्चात् घटित हुए हों।
धारा 10 क्या है ? section 10 of evidence in hindi
FAQ:
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 10 साक्ष्य क्या है ?
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 10 सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातों की सुसंगतता से संबंधित है ।
साक्ष्य अधिनियम मे अभिकरण (agency) का सिद्धांत कौन सी धारा मे है ?
धारा 10 मे